Jharkhand Birsa Harit Gram Yojana 2026: खाली ज़मीन पर मुफ्त पेड़ लगाएगी सरकार, साथ में हर महीने मिलेंगे पैसे

झारखंड बिरसा हरित ग्रामीण योजना

Sarkari Yojana 2026: झारखंड के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले किसानों और मनरेगा मज़दूरों के लिए हेमंत सरकार की 'बिरसा हरित ग्राम योजना' (Birsa Harit Gram Yojana) किसी वरदान से कम नहीं है। नए वित्तीय वर्ष (अप्रैल 2026) की शुरुआत के साथ ही इस योजना के तहत नए लाभुकों का चयन शुरू हो गया है।

​अक्सर किसानों की बहुत सी ज़मीन बंजर या खाली पड़ी रहती है जिससे उन्हें कोई कमाई नहीं होती। इस योजना के तहत सरकार उसी खाली ज़मीन पर बिल्कुल मुफ्त में फलदार पेड़ों का बागीचा (Fruit Orchard) लगा कर देती है। सबसे बड़ी बात यह है कि पेड़ों की देखभाल करने के लिए किसान को 3 साल तक सरकार की तरफ से मज़दूरी के पैसे भी दिए जाते हैं। आइए जानते हैं कि इस योजना का फॉर्म कैसे भरा जाएगा और इसके क्या-क्या फायदे हैं।

योजना का विवरण महत्वपूर्ण जानकारी
योजना का नाम झारखंड बिरसा हरित ग्राम योजना 2026
किसलिए है? खाली ज़मीन पर मुफ्त फलदार पेड़ लगाने के लिए
आर्थिक लाभ मनरेगा के तहत मज़दूरी (बैंक खाते में)
किसे मिलेगा लाभ? किसानों और जॉब कार्ड धारकों को
आवेदन का माध्यम पंचायत/मुखिया या ब्लॉक मनरेगा ऑफिस द्वारा

बिरसा हरित ग्राम योजना के 'डबल फायदे' (Double Benefits)

​इस योजना से ग्रामीण किसानों को दो तरफा कमाई होती है:

  1. मुफ्त फलदार पौधे: सरकार किसान की लगभग 1 एकड़ ज़मीन पर आम, अमरुद, नीबू जैसे 112 फलदार पौधे और उनके बीच में इमारती लकड़ी (जैसे- शीशम, महोगनी) के पौधे बिल्कुल मुफ्त लगवाती है।
  2. हर महीने नकद पैसे: जब तक पेड़ बड़े नहीं हो जाते, तब तक उनकी सिंचाई और देखभाल करने के लिए किसान को 'मनरेगा' (MGNREGA) के तहत रोज़ाना मज़दूरी (लगभग ₹255 प्रतिदिन) दी जाती है।
  3. पेड़ों का मालिकाना हक़: पेड़ों पर लगने वाले फलों और 3 साल बाद होने वाली सारी कमाई पर 100% हक़ सिर्फ किसान का होता है, सरकार उसमें से कोई हिस्सा नहीं लेती।

किसे मिलेगा इस योजना का लाभ? (Eligibility Criteria)

  • ​आवेदन करने वाला व्यक्ति झारखंड का स्थायी निवासी होना चाहिए।
  • ​किसान के पास कम से कम आधा एकड़ (0.5 Acre) या 1 एकड़ परती/खाली ज़मीन होनी चाहिए।
  • ​यह योजना मुख्य रूप से अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), विधवा महिलाओं और गरीबी रेखा से नीचे (BPL) जीवन यापन करने वाले किसानों के लिए है।
  • ​आवेदक के पास 'मनरेगा जॉब कार्ड' (MGNREGA Job Card) होना अनिवार्य है।

फॉर्म भरने के लिए तैयार रखें ये ज़रूरी कागजात (Documents)

  1. ​आवेदक का आधार कार्ड (Aadhar Card)
  2. ​मनरेगा जॉब कार्ड की कॉपी (Job Card)
  3. ​ज़मीन की रसीद या खतियान (Land Documents)
  4. ​बैंक पासबुक की कॉपी (खाता आधार से लिंक होना चाहिए)
  5. ​आवासीय और जाति प्रमाण पत्र
  6. ​पासपोर्ट साइज़ फोटो

Jharkhand Birsa Harit Gram Yojana Form Kaise Bhare? (आवेदन कैसे करें)

​इस योजना का लाभ लेने के लिए आपको ऑनलाइन भटकने की ज़रूरत नहीं है:

  1. ​सबसे पहले अपने गाँव के 'रोज़गार सेवक', पंचायत सचिव या अपने 'मुखिया' जी से संपर्क करें।
  2. ​उन्हें बताएं कि आप अपनी ज़मीन पर 'बिरसा हरित ग्राम योजना' के तहत बागीचा लगाना चाहते हैं।
  3. ​वहां से एक सादा फॉर्म लेकर उसमें अपनी ज़मीन की डिटेल्स और अपने जॉब कार्ड का नंबर भरें।
  4. ​सभी कागजात संलग्न करके फॉर्म को अपने प्रखंड (Block) के मनरेगा कार्यालय (BPO) में जमा कर दें।
  5. ​ग्राम सभा से योजना पास होते ही आपकी ज़मीन पर गड्ढे खोदने का काम शुरू हो जाएगा और आपके खाते में पैसे आने लगेंगे!

चूंकि बारिश (Monsoon) से पहले ही पेड़ों के लिए गड्ढे खोदने का काम शुरू हो जाता है, इसलिए अप्रैल और मई का महीना इस योजना में आवेदन करने का सबसे सही समय है। जो भी किसान अपनी बंजर ज़मीन से लाखों की कमाई करना चाहते हैं, वे तुरंत अपने पंचायत प्रतिनिधि से मिलें।

🎯 ज़रूरी सूचना: इस योजना का पीडीएफ फॉर्म (PDF Form), मनरेगा मज़दूरी की नई लिस्ट और सभी सरकारी योजनाओं की सबसे तेज़ अपडेट पाने के लिए अभी हमारे व्हाट्सएप, टेलीग्राम और फेसबुक ग्रुप से जुड़ें! 👇

और नया पुराने